भू-संसाधन एवं एन.आर.आई.एस. प्रभाग द्वारा एकीकृत परियोजनाओं एवं भू संसाधन से संबंधित परियोजनाओं/गतिविधियों को संपादित किया जाता है। इस प्रभाग द्वारा महत्वपूर्ण परियोजनाएं जैसे जिला स्तर पर सूखे से निपटने हेतु एकीकृत सर्वेक्षण (1989-92), सतत विकाश हेतु एकीकृत मिशन (1992-97), बस्तर जिले में बैलाडीला क्षेत्र में लौह अयस्क खदान का पर्यावरण पर प्रभाव, इन्दौर-उज्जैन-देवास क्षेत्र में शहरीकरण एवं औद्योगीकरण के प्रभावों का आंकलन आदि परियोजनायें क्रियान्वित की गई हैं। वर्ष 1998-99 में जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रमों के आंकलन का कार्य किया गया। 1997-2003 के दौरान दतिया, झाबुआ एवं सीधी जिलों की राष्ट्रीय (प्राकृतिक) संसाधन सूचना प्रणाली (एन.आर.आई.एस.) जिला नोड का कार्य किया गया। वर्ष 2002-03 से निरंतर एन.आर.आई.एस. राज्य नोड कार्यक्रम के अंतर्गत समूचे प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों एवं अन्य संबंधित आंकड़ों के भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित डाटाबेस तैयार करने का कार्य किया गया। इस परियोजना में तैयार किये गये डाटा बेस का उपयोग कई परियोजनाओं में सुनिश्चित किया गया है। मध्यप्रदेश संसाधन एटलस तैयार करने के लिए उक्त परियोजना में तैयार संसाधन मानचित्रों का उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश में आपदाओं एवं अन्य प्राकृतिक घटनाओं का अध्ययन जैसे भूकंपीय गतिविधियां, प्राकृतिक गैस का उत्सर्जन तथा इस प्रकार की भू-गर्भीय गतिविधियों से संबंधित कार्य का समन्वय एवं संपादन भी इस प्रभाग द्वारा किया जाता है।

परियोजनाये

संम्पूर्ण

उपलब्धियां